New Prime Minister of UK?

CURRENT AFFAIRS 

1. यूनाइटेड किंगडम की नई प्रधानमंत्री कौन चुनी गईं?


a. ऋषि सुनक

b. लिज ट्रस

c. विवेक मूर्ति

d. साजिद जावेद


Answer: b. लिज ट्रस


– लिज ट्रस को 05 सितंबर 2022 को ब्रिटेन का नया प्रधानमंत्री चुना गया है।

– पार्टी के चुनाव में भारतीय मूल के नेता और ब्रिटेन के वित्‍त मंत्री रह चुके ऋषि सुनक हार गए।


बेसिक बातें –

– यह कोई जनरल इलेक्‍शन नहीं था, जिसमें जनता वोट करती है और सांसद चुनती है। तब लीडर को प्रधानमंत्री बनाया जाता है।

– यह हुआ कि जब 2019 में कंजर्वेटिव पार्टी जीती UK में, तो बोरिस जॉनसन पीएम बनें।

– लेकिन जुलाई 2022 में पार्टी में विरोध हुआ और उनको पार्टी चीफ पद से इस्‍तीफा देना पड़ा।

– इसके बाद यह तलाश शुरू हुई कि पार्टी का अगला नेता कौन होने वाला है और वही पीएम भी होगा।

– इसके लिए चुनाव हुआ। यह आम चुनाव नहीं था।

– इस चुनाव में सबसे पहले कंजर्वेटिव पार्टी के सांसदों ने पीएम उम्‍मदवारों को चुना।

– इसके बाद पार्टी के आधिकारिक सदस्‍य चुनते हैं।

– लगभग 1 लाख 60 हजार वोटर वोटर होते हैं।

– तो उन्‍होंने लिज ट्रस को यूनाइटेड किंगडम का नया पीएम चुन लिया है।

– ऋषि सुनक लगभग 20 हजार वोट से हार गए।


ऋषि सुनक क्यों हारे?

– ऋषि सुनक, कंजर्वेटिव पार्टी के सांसदों की वोट‍िंग में आगे रहे थे।

– लेकिन अंतिम फैसला पार्टी के रजिस्‍टर्ड मेंबर्स को करना था और इस में वह हार गए।

– ब्रिटिश मीडिया इसकी कई वजहें बता रहा है –

– पहली: पत्नी अक्षता (उद्योगपति नारायणमूर्ति की बेटी) के पास ब्रिटेन की नागरिकता न होना। (आरोप लगा कि ऋषि ने पत्‍नी का टैक्‍स बचाया और नागरिकों पर लगाया)

– दूसरी: कंजर्वेटिव पार्टी के ज्यादातर ब्रिटिश मेंबर्स अपने ही देश के नागरिक को प्रधानमंत्री बनाना चाहते थे।

– तीसरी : आरोप लगा कि ऋषि सुनक के पास अमेरिका का ग्रीन कार्ड है। लेकिन वह इसपरचुप रहे।

– चौथी : बोरिस जॉनसन भी सुनक के फेवर में नहीं थे। उन्‍होंने खुलेआम पार्टी मेंबर्स से ऋषि सुनक को हराने की अपील की थी।

– पार्टी मेंबर्स मान रहे थे कि सुनक की वजह से ही जॉनसन को इस्तीफा देना पड़ा। उन्हें पीठ में छुरा घोंपने वाला तक कहा गया।


लिज ट्रस

– वह 47 वर्ष की हैं।

– उनका जन्म 1975 में ऑक्सफोर्ड, इंग्लैंड में हुआ।

– माता-पिता ने उनका नाम मेरी एलिजाबेथ ट्रस रखा।


राजनीतिक करियर

– ट्रस वर्ष 1996 में कंजरवेटिव पार्टी में शामिल हुई।

– वर्ष 2010 में वह पहली बार सांसद चुनी गईं।

– सांसद बनने के दो साल बाद वह शिक्षामंत्री भी बनी।

– वर्ष 2014 में उन्हें पर्यावरण मंत्री बनाया गया।

– वर्ष 2016 में उन्हें न्याय सचिव बनाया गया।

– वर्ष 2017 में उन्हें ट्रेजरी प्रमुख का पद दिया गया।

– वर्ष 2019 में जब जॉन बोरिसन प्रधानमंत्री बने तो लिज ट्रस को विदेश सचिव बना दिया गया।


—————-

2. साइरस मिस्त्री का निधन सड़क दुर्घटना में 04 सितंबर 2022 को हो गया, वह किस औद्योगिक समूह के चेयरमैन रह चुके थे?


a. टाटा ग्रुप

b. विप्रो

c. इंफोसिस

d. रिलायंस इंडस्ट्रीज


Answer: a. टाटा ग्रुप


– टाटा ग्रुप के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री का सड़क दुर्घटना में निधन हो गया।

– वह 54 वर्ष के थे।


सड़क दुर्घटना कैसे हुई?

– यह सड़क दुर्घटना मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर हुई।

– मिस्त्री गुजरात के उदवाड़ा में बने पारसी मंदिर से लौट रहे थे।

– उदवाड़ा के फायर टेंपल से लौटते समय मिस्त्री की कार का एक्सीडेंट हुआ।

– द हिंदू के अनुसार उनकी मर्सिडीज कार पालघर के कासा के पास चरोटी गांव में सूर्या नदी के पुल पर रोड डिवाइडर से टकराई।

– कार में मिस्त्री, जहांगीर दिनशा पंडोले, अनायता पंडोले और उनके पति दरीयस पंडोले सवार थे।


सिर में चोट लगने से साइरस मिस्‍त्री की मौत

– कार को अनायता (मुंबई में डॉक्टर है) ड्राइव कर रही थीं।

– टक्कर होने के बाद कार के एयरबैग भी खुले लेकिन इसके बावजूद भी मिस्त्री के साथ एक और व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई।

– डॉक्टरों ने दावा किया है कि साइरस मिस्त्री की मौत सिर में चोट लगने की वजह से हुई।

– मरने वाले दूसरे व्यक्ति का नाम जहांगीर दिनशा पंडोले है।

– अनायता पंडोले (महिला) और उनके पति दरीयस पंडोले घायल हुए हैं।

– मिस्त्री और जहांगीर के शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल ले जाया गया है।


उदवाड़ा का पारसी मंदिर

– यह गुजरात के वलसाड जिले का तटीय नगर है।

– यहां पारसी समुदाय का पवित्र मंदिर है।

– इसे पारसियों का फायर टेंपल कहा जाता है।

– यहां मौजूद पवित्र अग्नि को पारसी, ईरान से 1742 में लाए थे।

– बताया जाता है कि यह अग्नि 1290 से लगातार जल रही है।

– इसे ‘आतश बहराम’ या ‘ईरानशाह’ भी कहते हैं।


साइरस मिस्‍त्री के बारे में

– साइरस पालोनजी मिस्त्री का जन्म 4 जुलाई 1968 को हुआ था।

– वह शापूरजी पालोनजी ग्रुप के प्रमुख पालोनजी मिस्त्री के छो

Comments

Popular posts from this blog

Interpol launches first-ever metaverse

Quick Reaction Surface to Air Missile (QRSAM) System

A dangerous moment: On Vladimir Putin’s troop mobilisation